मरीजों के लिए राहत भरी खबर
एक नए अध्ययन के अनुसार, ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए कार टी सेल थेरेपी लेने वाली महिलाओं ने सामान्य गर्भधारण किए और स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। यह निष्कर्ष शोधकर्ताओं ने प्रकाशित किया, जिन्होंने उपचार के बाद कई वर्षों तक रोगियों पर नज़र रखी। कार टी सेल थेरेपी में मरीज की प्रतिरक्षा कोशिकाओं को लैब में बदलकर बीमारी से लड़ने के लिए वापस डाला जाता है।
शोधकर्ताओं ने कार टी सेल थेरेपी के बाद गर्भवती हुई महिलाओं का अनुसरण किया। उन्होंने प्रत्येक गर्भावस्था, माताओं के स्वास्थ्य और नवजात शिशुओं की स्थिति दर्ज की। अधिकांश गर्भधारण सामान्य रूप से आगे बढ़े। बच्चे स्वस्थ पैदा हुए, और थेरेपी से जुड़ी कोई जटिलता नहीं मिली। अध्ययन में यह भी पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान अधिकांश रोगियों में ऑटोइम्यून बीमारी नियंत्रण में रही।
लेखकों का कहना है कि ये नतीजे कार टी सेल थेरेपी पर विचार कर रहे रोगियों के साथ परिवार नियोजन पर जल्द और खुली चर्चा का समर्थन करते हैं। डॉक्टरों को उपचार से पहले प्रजनन क्षमता संरक्षण और बाद में गर्भधारण के विकल्पों के बारे में बात करनी चाहिए। अध्ययन छोटा है, और बड़े अनुवर्ती की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निष्कर्षों से रोगियों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।