हमलों का निशाना ईरानी बुनियादी ढांचा
अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरानी पुलों और बुनियादी ढांचे पर नए हमले किए, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दो सप्ताह पुराने संघर्ष में एक बढ़ोतरी है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये हमले आपूर्ति मार्गों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाकर किए गए, जिनका उपयोग ईरानी बल इस रणनीतिक जलमार्ग में वाणिज्यिक शिपिंग पर हमले करने के लिए करते थे।
ईरान ने जवाब में जलडमरूमध्य में जहाजों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया, हालांकि किसी बड़े हताहत की सूचना नहीं है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर पूर्ण नाकाबंदी फिर से लागू कर दी, जिससे देश की तेल निर्यात और वस्तुओं के आयात की क्षमता ठप हो गई।
वैश्विक तेल बाजार चिंतित
इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक ऐसा संकीर्ण मार्ग है जहां से प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है - जो वैश्विक खपत का लगभग 20% है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष तेल की कीमतों को $120 प्रति बैरल से ऊपर धकेल सकता है और वैश्विक मंदी का कारण बन सकता है। बिडेन प्रशासन का ईरानी बंदरगाहों को अवरुद्ध करने का निर्णय हफ्तों की झड़पों के बाद आया है, जो तेहरान द्वारा जून के अंत में जलडमरूमध्य में खान बिछाने के आरोप के बाद शुरू हुआ था।
क्षेत्रीय प्रभाव
ईरान समर्थित यमनी हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अबा हवाई अड्डे पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया, जिससे संघर्ष का भौगोलिक दायरा बढ़ गया। इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने अरब की खाड़ी में अतिरिक्त विध्वंसक जहाज तैनात किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों ने एपी न्यूज को बताया कि जलडमरूमध्य को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी सैन्य उपस्थिति की आवश्यकता है, जो क्षेत्र में अमेरिकी बलों की तैनाती पर सवाल उठाता है।