महीनों के संघर्ष के बाद समझौते की शर्तें तय
अमेरिका और ईरान ने अपने महीनों तक चले युद्ध को समाप्त करने के लिए एक अस्थायी समझौता किया है, जिस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होगा। अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों ने एक ज्ञापन की रूपरेखा प्रस्तुत की जिसमें ईरान के यूरेनियम भंडार को कम करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से मुफ्त मार्ग की गारंटी के मानक शामिल हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस समझौते का समर्थन करते हुए इसे अमेरिका की 'हताशा' में उठाया गया कदम बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से तेल बाजारों में प्रतिक्रिया
इस घोषणा पर वैश्विक बाजारों में उछाल आया, अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें मार्च की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गईं। हालांकि, कीमतें वर्ष की शुरुआत से अब भी 40% अधिक हैं। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की घोषणा की, लेकिन अधिकांश वाणिज्यिक जहाज सुरक्षा गारंटी का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी सहयोगी जलमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए नौसैनिक डिमाइनिंग और एस्कॉर्ट मिशन का प्रस्ताव कर रहे हैं।
G7 नेता समझौते के पीछे एकजुट
फ्रांसीसी आल्प्स में G7 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं ने ईरान समझौते की सराहना की, जिससे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रति ट्रंप का रवैया बेहतर हुआ। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते में इज़राइल को लेबनान से वापस जाने की भी आवश्यकता है। इस बीच, अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी, और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की कि समझौते की शर्तों के तहत परमाणु निरीक्षक ईरान लौटेंगे।