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न्यायाधीश ने ट्रंप के 75 देशों के वीज़ा प्रतिबंध को खारिज किया

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फैसला

न्यूयॉर्क के एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति ट्रंप के 75 देशों को कवर करने वाले वीज़ा प्रतिबंध को खारिज कर दिया। यह फैसला दक्षिणी जिला न्यायालय से आया। न्यायाधीश ने पाया कि यह नीति विदेश मंत्री मार्को रुबियो के कानूनी अधिकार से परे थी। यह निर्णय प्रतिबंध को प्रभावी होने से रोकता है।

यह प्रतिबंध ट्रंप प्रशासन की सबसे व्यापक आव्रजन कार्रवाइयों में से एक था। इसमें अफ्रीका, एशिया और मध्य पूर्व के दर्जनों देश शामिल थे। यह नीति उन देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा प्रतिबंधित करती। न्यायाधीश ने कहा कि प्रशासन ने अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया।

कानूनी चुनौती

नागरिक अधिकार समूहों और आप्रवासी अधिवक्ताओं ने मुकदमा दायर किया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिबंध अवैध और भेदभावपूर्ण था। वादियों ने कहा कि यह नीति परिवारों को अलग करेगी और व्यवसायों को नुकसान पहुंचाएगी। अदालत ने सहमति व्यक्त की कि राज्य विभाग के पास इतना व्यापक उपाय लगाने का अधिकार नहीं था।

यह फैसला प्रशासन के आव्रजन एजेंडे के लिए एक झटका है। इसी तरह के यात्रा प्रतिबंधों को अतीत में कानूनी लड़ाइयों का सामना करना पड़ा है। अदालतों ने नीति के कई संस्करणों को खारिज या सीमित किया है। प्रशासन का कहना है कि वह फैसले के खिलाफ अपील करेगा।

आगे क्या होगा

सरकार उच्च न्यायालय से फैसले की समीक्षा करने के लिए कह सकती है। अपील दूसरे सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मामला अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है। तब तक, वीज़ा प्रतिबंध अवरुद्ध रहेगा।

आप्रवासी अधिवक्ताओं ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे उचित प्रक्रिया और पारिवारिक एकता की जीत बताया। प्रशासन ने प्रतिबंध को राष्ट्रीय सुरक्षा उपाय बताकर बचाव किया। कानूनी लड़ाई महीनों तक जारी रहने की संभावना है।

स्रोत: The New York Times